हरदीबाजार- स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया एलआईसी बिलासपुर SDM संजीव मालवीय, MM प्रवीण तंत्र पाले एवं सम्माननीय ऑफिसर के द्वारा रुकेश पटेल को ट्रॉफी एवं मेडल से सम्मानित किया गया।रुकेश पटेल ने बताया कि पिछले 7 – 8 सालों से इस क्षेत्र में हूँ और मेरा एक बोईदा दीपका में पर्सनल ऑफिस भी है।मेरी अपनी टीम है और हम मिलकर आपकी हर ज़रूरत का ध्यान रखते हैं चाहे वह मैच्योरिटी क्लेम हो या दुखद समय में डेथ क्लेम,हमेशा आपकी सेवा में।यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे पूरे कार्यक्षेत्र के उन 1500 से अधिक ग्राहकों का है जिन्होंने लगभग 7 -8 वर्षों से लगातार मुझ पर अपना अटूट विश्वास बनाए रखा। मैं उन सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरी हमेशा से यही कोशिश रही है कि आपकी जरूरत और पोर्टफोलियो के हिसाब से आपको सही प्लान चुनने में मदद कर सकूं।इस यात्रा में मेरी अपनी ऑफिस पूरी टीम का अतुलनीय योगदान रहा है। मैं अपने सभी सहयोगियों और टीम के सदस्यों का भी तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।मैं भविष्य में भी अपनी इस सेवा को और भी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। ग्राहकों ने एलआईसी एजेंट रुकेश पटेल जी के सम्मानित होने की काफी खुशी है और बधाई दी जा रही है।
चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। मार्च महीने में बढ़ते तापमान और हल्की गर्मी के बीच जिले के चिरमिरी क्षेत्र के जंगलों में शुक्रवार को आग लगने की घटना सामने आई। आग चिरमिरी के पोड़ी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के समीप मुख्य सड़क के आसपास लगी, जहां एक ओर बैकुंठपुर वन विभाग और दूसरी ओर चिरमिरी वन विभाग का क्षेत्र लगता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ नशेड़ियों ने नशे की हालत में सूखे पत्तों में आग लगा दी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले गई। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता देखने में भी काफी परेशानी हुई। घटना की सूचना वन विभाग को दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग की प्रतिक्रिया चिरमिरी वन रेंजर सूर्य देव सिंह ने कहा कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई है। संसाधनों की कमी बनी चुनौती चिरमिरी रेंज में जंगल की आग रोकने के लिए संसाधनों की कमी भी सामने आ रही है। इतने बड़े वन क्षेत्र के लिए विभाग के पास केवल चार ब्लोअर मशीनें हैं, जो आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही हैं। कई बार वनकर्मियों को पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों से आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।






