
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब किचन में काम कर रहे एक सजायाफ्ता कैदी ने सब्जी काटने के हंसिया से अपना गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर रूप से घायल कैदी को तत्काल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

हत्या के मामले में काट रहा है आजीवन कारावास
जानकारी के अनुसार, पेंड्रा निवासी विकास कश्यप हत्या के मामले में पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है। वर्ष 2024 में उसे अपनी दादी की हत्या के प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल उससे जेल के किचन में भोजन बनाने का कार्य लिया जा रहा था।
सुबह किचन में उठाया खौफनाक कदम
मंगलवार सुबह लगभग 7 बजे विकास अपने बैरक से निकलकर किचन पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान उसने अचानक सब्जी काटने वाले हंसिया से अपना गला रेत लिया। पास में मौजूद अन्य कैदियों ने उसे खून से लथपथ हालत में तड़पते देखा और तत्काल जेल प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए जेल एंबुलेंस से उसे तुरंत सिम्स भेजा गया।
मानसिक स्थिति पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, कैदी की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं बताई जा रही थी और उसका उपचार भी चल रहा था। हालांकि, गला रेतने के कारण वह फिलहाल बातचीत करने की स्थिति में नहीं है, जिससे आत्महत्या के प्रयास के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जांच के बाद खुलेगा राज
जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कैदी के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
घटना ने जेल सुरक्षा और कैदियों की मानसिक स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





