


✍️ भागीरथी यादव
ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बस में प्रेमिका का कत्ल
नाले में सिर-हाथ फेंककर गुमराह करने की कोशिश, पुलिस ने 9 दिन में सुलझाई गुत्थी
नोएडा, 15 नवंबर 2025।
नोएडा में 6 नवंबर को नाले से बरामद महिला के सिर और हाथ काटे हुए शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मोनू सोलंकी (34) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मृतका प्रीति का प्रेमी था, जो उसकी मां की सहेली थी। ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर उसने बस के अंदर ही निर्मम हत्या कर दी थी।
बस की लाइट बंद कर गुजरती गाड़ी ने खोले राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के पास से 5 नवंबर रात 8:43 बजे एक अनजान बस को बिना लाइट के गुजरते देखा। बस नंबर की जांच से पता चला कि वह एक धार्मिक संस्था की है और उसे बरौला गांव का रहने वाला मोनू चलाता है।
जब पुलिस उसके घर पहुंची तो मोनू फरार था, लेकिन वहां पांच बच्चे मिले, जिनमें से दो बच्चे मृतका प्रीति के थे। बच्चों ने बताया कि उनकी मां 6 नवंबर से लापता है। जब पुलिस ने बिछिया की तस्वीर दिखाई तो बच्चों ने तुरंत पहचान लिया—यह उनकी मां की ही है।
गिरफ्तारी और सनसनीखेज स्वीकारोक्ति
शुक्रवार को मोनू को उसके घर के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी कहानी उगल दी—
उसने 5 नवंबर की शाम प्रीति को बस में बैठाया
प्रीति के दोनों बच्चों को अपने घर छोड़ दिया
बस में रास्ते भर दोनों के बीच कहासुनी हुई
इसी दौरान उसने धारदार हथियार से प्रीति का कत्ल कर डाला
शव के सिर और हाथ काटकर गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार स्थित नाले में फेंक दिया
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव के अंग, कपड़े, मैट, हथियार और बस बरामद कर ली।
चार बार धोई बस, फिर भी नहीं छुपा सकी सच्चाई
हत्या के बाद मोनू ने बस को चार बार धोया, लेकिन खून के धब्बे नहीं मिटे। फॉरेंसिक टीम ने रासायनिक जांच से यह साबित कर दिया कि धब्बे मानव रक्त के थे।
आरोपी ने बच्चों को यह भी सिखा रखा था कि किसी के पूछने पर कहना—
“मां 6 नवंबर से गायब है।”
जबकि वह 5 नवंबर से ही लापता थी।
कैसे बना अवैध रिश्ता और कैसे पहुंचा हत्या तक?
मोनू की मां और मृतका प्रीति जींस फैक्ट्री में साथ काम करती थीं। दो वर्ष पहले फैक्ट्री बंद हुई, तो प्रीति का मोनू के घर आना-जाना बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
जांच में सामने आया कि प्रीति की पहले दो शादियां हो चुकी थीं, और उसने मोनू को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।
आरोपी के अनुसार,
वह उससे पैसे मांगती थी
परिवार को बदनाम करने की धमकी देती थी
यहां तक कि मोनू की दो नाबालिग बेटियों को भी गलत काम में धकेलने की धमकी दी थी
इन्हीं दबावों में मोनू ने हत्या की योजना बनाई।
1100 से अधिक वाहनों की जांच के बाद खुला राज
एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हत्या का राज खुलने से पहले—
1100 से ज्यादा संदिग्ध वाहनों की जांच,
44 वाहन मालिकों से पूछताछ,
आसपास के सीसीटीवी फुटेज की कई घंटों की समीक्षा की गई।
इसके बाद बस की पहचान हुई और पूरा मामला सामने आ गया।








