
✍️ भागीरथी यादव
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हेनझरिया चौकी इलाके में डेम से मिले दो शवों के रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। यह मामला अवैध रूप से जंगल में बिछाए गए बिजली करंट से जुड़ा निकला, जिसमें चिड़िया पकड़ने निकले दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि सेरमा टोली निवासी दिलीप राम और विलियम कुजूर 12 दिसंबर को जंगल में चिड़िया पकड़ने गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। मामले में गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने खोजबीन शुरू की।
जांच के दौरान डेम क्षेत्र के आसपास संदिग्ध हालात में घूम रहे आयटु लोहार को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सनसनीखेज खुलासा किया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर जंगली सूअर पकड़ने के लिए जंगल में अवैध रूप से बिजली करंट बिछाए था। इसी करंट की चपेट में आकर दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपराध छिपाने के लिए दोनों शवों को बोरे में भरकर डेम की झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी आयटु लोहार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि उसके चार अन्य साथी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
यह घटना न केवल अवैध शिकार के खतरनाक तरीकों को उजागर करती है, बल्कि जंगलों में बिछाए जा रहे करंट के कारण आम लोगों की जान पर मंडराते खतरे की गंभीर चेतावनी भी देती है।






