
✍️ भागीरथी यादव
रायगढ़।
नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में रायगढ़ जिला न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जनवरी 2025 में ग्राम लिटाईपाली निवासी विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू (24 वर्ष) ने शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा को घर से भगा लिया। आरोपी ने करीब एक महीने तक उसे अपने पास रखा और इस दौरान कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
स्कूल जाने निकली, फिर नहीं लौटी
पीड़िता के पिता ने 27 जनवरी 2025 को कोतरा रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी सुबह साढ़े 9 बजे स्कूल के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों व आसपास खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात युवक ने बहला-फुसलाकर उसे भगा लिया है।
पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पता चला कि नाबालिग ग्राम लिटाईपाली में मौजूद है। 5 फरवरी को पुलिस ने छात्रा को बरामद किया और आरोपी विजय जांगड़े को गिरफ्तार किया।
पीड़िता के बयान से हुआ खुलासा
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने उससे शादी का वादा किया था और इसी बहाने उसे घर से भगा ले गया। इस दौरान उसने कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पूछताछ में आरोपी ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।
20 साल कठोर कारावास और जुर्माना
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट रायगढ़, न्यायाधीश देवेन्द्र साहू के समक्ष हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस प्रकरण में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की।
न्याय का सशक्त संदेश
यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा चेतावनी संदेश है कि कानून ऐसे मामलों में बेहद सख्त है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।








