
✍️ भागीरथी यादव
कलेक्टर दिव्या मिश्रा के सख्त रुख से मचा हड़कंप
बालोद।
छत्तीसगढ़ में जारी धान खरीदी महापर्व के बीच किसानों को परेशान करने और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद जिले में दो जिम्मेदार पदों पर पदस्थ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के उपार्जन केंद्रों में हड़कंप मच गया है।
किसान से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप
डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह पर एक किसान से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार किसान केशव राम साहू अपनी निजी भूमि का 125 बोरी धान ट्रैक्टर में भरकर बालोद मंडी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में अधिकारी ने वाहन रोककर धान छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।
UPI ट्रांजैक्शन से खुली पोल
किसान की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित जांच कराई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में अधिकारी के खाते में UPI के माध्यम से 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए उप संचालक कृषि ने अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सहकारी समिति प्रभारी पर भी गिरी गाज
दूसरा मामला डौंडीलोहारा क्षेत्र की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, रानाखुज्जी से जुड़ा है। यहां के समिति प्रभारी हंसराज प्रजापति पर आर्थिक अनियमितता और शासन के निर्देशों की अनदेखी के आरोप सिद्ध हुए हैं।
सहकारिता, खाद्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच टीम ने उपार्जन केंद्र में गंभीर खामियां उजागर कीं।
शासन को हो सकती थी आर्थिक क्षति
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि समिति प्रभारी द्वारा धान खरीदी योजना के नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका बनी।
छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत प्राधिकृत अधिकारी की बैठक में निर्णय लेते हुए हंसराज प्रजापति को निलंबित कर दिया गया।
कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को परेशान करने, रिश्वत मांगने या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी है और दोषियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी।





