
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी/ मनेंद्रगढ़। जिले की विदेशी मदिरा दुकानों में मिलावटखोरी को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक मनेंद्रगढ़ स्थित सरकारी विदेशी शराब दुकान में नकली या घटिया शराब बिक्री की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें ब्रांडेड क्वार्टर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जबकि निम्न गुणवत्ता की शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है।
ग्राहकों ने दुकान में 24 घंटे की सीसीटीवी निगरानी और उसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि, चौकाने वाली बात यह है कि दुकान में लगाए गए कैमरे कथित तौर पर मिलावट के वक्त ‘लाइट बंद’ बताकर बंद कर दिए जाते हैं या कैमरों का रुख मोड़ दिया जाता है।
स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि पिछले तीन वर्षों से विकास सिन्हा नामक सुपरवाइजर इसी दुकान में पदस्थ हैं। लंबे समय तक एक ही जगह जमे रहने से आंतरिक सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि आबकारी विभाग का प्रभारी अधिकारी भी दुकान का नियमित निरीक्षण नहीं करता, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिला आबकारी अधिकारी और दुकान प्रबंधन की कथित मिलीभगत से मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, केल्हारी और जनकपुर क्षेत्र की शराब दुकानों में मिलावट का खेल लगातार जारी रहता है। यहां तक दावा किया जा रहा है कि इस अनियमितता में सुरक्षा गार्डों तक की हिस्सेदारी तय है।
जनता ने मांग की है कि शराब दुकानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे की सीसीटीवी फुटेज विधिवत जांच अधिकारियों के सामने प्रस्तुत की जाए। साथ ही, लंबे समय से जमे कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण कर कार्रवाई की जाए, ताकि मिलावट के इस कारोबार पर रोक लग सके।






