
✍️ भागीरथी यादव
बेगूसराय: छौड़ाही थाना क्षेत्र सोमवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा, जब पीरनगर वार्ड नंबर-10 में जदयू नेता और पूर्व पंचायत अध्यक्ष नीलेश कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह हमला किसी आम आपराधिक वारदात जैसा नहीं था—हमलावरों की चाल, उनकी संख्या और फायरिंग का पैटर्न साफ बताता है कि यह सोची-समझी टार्गेट किलिंग थी।
जानकारी के अनुसार, नीलेश रोज की तरह भोजन के बाद मवेशी बथान में सोने गए थे। देर रात अचानक करीब 9 हथियारबंद बदमाशों ने घात लगाकर धावा बोला। हमलावरों ने नीलेश पर छाती, गर्दन और आंख के पास ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गोलीबारी की गूंज से पूरा गांव सहम उठा, लेकिन परिवार और ग्रामीण जब तक बाहर निकलते—हमलावर अंधेरे में हथियार लहराते हुए फरार हो चुके थे।

घटना के बाद एरिया में भारी दहशत है। पुलिस को जानकारी मिलते ही मंझौल डीएसपी सहित छौड़ाही थाना की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने खोखे, पैरों के निशान और गनशॉट पैटर्न सहित कई अहम एविडेंस जुटाए हैं। एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
मृतक के पिता रामबली महतो ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वारदात के तुरंत बाद गांव के ही बृजेश कुमार, जयप्रकाश महतो सहित कुछ लोगों को हथियारों के साथ भागते देखा। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में कोई खुला विवाद नहीं था, लेकिन कुछ साल पहले जमीन को लेकर गंभीर तनाव हुआ था। पुलिस इसी पुराने विवाद की दिशा में भी जांच आगे बढ़ा रही है।
इलाके में तनाव कायम है और पुलिस पूरे मामले को प्रोफेशनल गैंगस्टर-स्टाइल एग्जीक्यूशन मानकर कई एंगल से जांच कर रही है।
फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे बेगूसराय को हिलाकर रख दिया है।








