
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के बेलगहना जंगलों में सागौन लकड़ी की तस्करी लंबे समय से चल रही थी, जिसका खुलासा मंगलवार रात वन विभाग की पेट्रोलिंग के दौरान हुआ। गश्ती दल को देखते ही लकड़ी तस्कर जंगल की तरफ भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए।
वन विभाग की टीम को पिछले कुछ दिनों से संकेत मिल रहे थे कि कक्ष क्रमांक 1202/2470 के आसपास पेड़ों की अवैध कटाई कर सागौन की तस्करी की जा रही है। इसी सूचना पर अफसर मंगलवार रात पेट्रोलिंग टीम के साथ जंगल में सर्चिंग पर निकले थे।
स्कॉर्पियो छोड़कर भागे तस्कर
मुख्य मार्ग पर खड़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी जंगल की ओर मोड़ दी। थोड़ी दूरी पर वाहन को झाड़ियों के बीच खड़ा कर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।
जांच में स्कॉर्पियो से 6 नग सागौन के लट्ठे और 1 सागौन सिलपट बरामद हुए। इसके बाद टीम ने आसपास के जंगल में तलाशी ली, जहां से 3 अतिरिक्त लट्ठे और मिले। सभी लकड़ी को जब्ती पंचनामा बनाकर बेलगहना डिपो भेज दिया गया।
जब्त सागौन लकड़ी की कीमत करीब 30 हजार रुपए, जबकि स्कॉर्पियो वाहन की कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है।
तस्करों की तलाश तेज
वन विभाग अब स्कॉर्पियो मालिक की पहचान के लिए परिवहन विभाग से वाहन विवरण जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक के माध्यम से जल्द ही तस्करों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में हो रही अवैध कटाई और तस्करी के बड़े नेटवर्क का एक और खुलासा हुआ है।






