
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी। जिले में नागरिकों की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट (आईएएस) द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
जिला पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नगरीय एवं नगर बाह्य क्षेत्रों में प्रभावशील किया गया है। आदेश के तहत अब बिना पुलिस सत्यापन किसी भी व्यक्ति को मकान या कमरा किराए पर देना प्रतिबंधित रहेगा।
मकान मालिकों पर बढ़ी जिम्मेदारी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी संबंधित थाना में अनिवार्य रूप से देनी होगी। इसमें किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और वैध पहचान पत्र शामिल है। साथ ही, पहले से निवासरत किरायेदारों का भी तत्काल पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देना होगा अनिवार्य
जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बिना पहचान पत्र वाले किसी भी व्यक्ति को किराये पर न रखा जाए। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करना मकान मालिक की जिम्मेदारी होगी।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
आदेश का पालन नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जारी तिथि से आगामी दो माह अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन की नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने सभी मकान मालिकों और नागरिकों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करने की अपील की है।






