
कोरबा शहर के दुर्गानाला 200 मेगावाट प्लांट नहर पुल के पास गुरुवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ बदमाशों ने राहगीरों को रोककर मारपीट और लूटपाट शुरू कर दी। बेल्ट, डंडे और धारदार हथियारों से लैस ये युवक आने-जाने वालों को डरा-धमकाकर पैसे और सामान छीन रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 8:30 बजे पुल के पास अचानक अफरा-तफरी मच गई। कुछ बदमाशों के हाथों में चाकू और छुरा था, जिनके बल पर वे लोगों को भयभीत कर रहे थे। इसी दौरान पथरापारा निवासी अखिलेश सिंह अपने साथी विकास अग्रवाल के साथ वहां पहुंचे। हालात को समझते हुए दोनों ने साहस का परिचय दिया और बदमाशों का विरोध किया।
बदमाशों ने अखिलेश सिंह की कार को रोककर तोड़फोड़ की और उनकी जेब से करीब छह हजार रुपये नकद लूट लिए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने तत्काल परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे बदमाशों में भगदड़ मच गई।
लोगों की सतर्कता से कुछ आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कुछ फरार होने में सफल रहे। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और बाद में फरार आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सोमनाथ बजारे, एकलव्य राव और गौतम साहू के नाम सामने आए हैं।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में रोष है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अखिलेश सिंह और विकास अग्रवाल की बहादुरी की हर ओर सराहना की जा रही है, जिनकी हिम्मत से बड़ी घटना टल गई और बदमाश कानून के शिकंजे में आ सके।






