

Loksadan। बीजापुर – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी जिला बीजापुर में 18 अगस्त से अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने वाली इस हड़ताल की गूंज अब राजनीतिक हलकों तक पहुँच गई है।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए आंदोलन को खुला समर्थन दिया है। धरनास्थल पर पहुँचे विधायक ने संविदा कर्मियों से संवाद करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएँ देने वाले ये कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था की असली ताकत हैं। इसके बावजूद वर्षों से स्थायीकरण, वेतनवृद्धि, स्वास्थ्य बीमा और पब्लिक हेल्थ कैडर जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की अनदेखी की जा रही है।
मंडावी ने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए एक समर्थन-पत्र भी सौंपा और राज्य सरकार से जल्द पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ेगा, जिससे आमजन की परेशानी और बढ़ेगी।
धरना स्थल पर मौजूद कर्मियों ने विधायक के समर्थन को अपनी लड़ाई के लिए मजबूती करार देते हुए उम्मीद जताई कि सरकार अब उनकी आवाज सुनेगी और सकारात्मक निर्णय लेगी।
विक्रम शाह मांडवी, विधायक बीजापुर
“एन.एच.एम. संघ द्वारा अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। आज मैं और कांग्रेस कमेटी के साथ धरना स्थल पर पहुँचा और कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए समर्थन पत्र सौंपा है। इनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं और इन्हें तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। मैं साय सरकार से मांग करता हूँ कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए इसका जल्द समाधान करते हुए उनकी सभी मांगों को शीघ्र पूरा करें।”






