
बिलासपुर।
जिले में अवैध धान संग्रहण और तस्करी पर नकेल कसने जिला प्रशासन ने जोरदार कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर मंगलवार को प्रशासनिक अमले ने एक के बाद एक दबिश देकर कुल 240 क्विंटल अवैध धान जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 7.44 लाख रुपये आंकी गई है। यह छापेमारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान हो रही अनियमितताओं को थामने की दिशा में एक प्रभावशाली और निर्णायक कदम मानी जा रही है।
जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की टीम ने मिलकर की, जिसमें जिले के पाँच अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण, बिना अनुमति की खरीद-फरोख्त तथा संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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जानिए कहाँ से कितना अवैध धान मिला
बिल्हा – रूपचंद किराना स्टोर्स: 113 बोरी (लगभग 45 क्विंटल)
ग्राम बरतोरी – ओम ट्रेडर्स: 188 बोरी (लगभग 75 क्विंटल)
कोटा – गुप्ता ट्रेडर्स: 110 बोरी (लगभग 44 क्विंटल)
रतनपुर – गंगाराम दुकान: 77 बोरी (लगभग 30 क्विंटल)
रानीगांव – दुर्गा ट्रेडर्स: 115 बोरी (लगभग 46 क्विंटल)
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अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक ऐसे संगठित नेटवर्क पर चोट है, जो किसानों से समर्थन मूल्य से पहले अवैध रूप से धान खरीदकर जमाखोरी कर भारी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहा था। कई स्थानों पर जब्त किए गए स्टॉक के दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अब तक जिले में कुल 20 लाख रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया जा चुका है, जो अभियान की गंभीरता और प्रभावशीलता दोनों को दर्शाता है।
जिला प्रशासन का संदेश साफ है—
“अवैध धान व्यापार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं… कानून तोड़ने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई।”






