
मुंगेली। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते घुमंतू एवं घायल गौवंशों की समस्या को लेकर गौ सेवा कल्याण समिति ने गंभीर चिंता जताते हुए जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय और नगर पालिका परिषद के सीएमओ होरी सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। समिति ने कहा कि हालात अब नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

समिति के सदस्यों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिदिन 2–3 गौवंश घायल हो रहे हैं, जिन्हें रेस्क्यू कर अस्थायी शेड में रखा जा रहा है। वर्तमान में बांस और त्रिपाल से बने इस अस्थायी शेड में 40–50 गौवंशों की देखभाल की जा रही है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण स्थान और सुविधाओं की भारी कमी है।

गौ रक्षकों ने मांग की है कि शहर में जल्द से जल्द सर्वसुविधायुक्त स्थायी गौशाला का निर्माण कराया जाए, जिससे घायल और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान और उचित उपचार मिल सके।

समिति ने प्रशासन को 1 जनवरी 2026 तक की समयसीमा देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर गौशाला नहीं बनी, तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं में घायल गौवंशों को सीधे जिला पंचायत और नगर पालिका परिषद के भवनों में ही उपचार और आश्रय के लिए लाया जाएगा। ऐसी स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समिति की इस सख्त चेतावनी ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। अब देखना यह होगा कि मुंगेली में बढ़ती गौवंश समस्या का समाधान समय पर हो पाता है या नहीं।





