
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली, 24 नवम्बर 2025
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं ने अद्भुत आभा बिखेरी। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ की विशेष सांस्कृतिक संध्या दर्शकों के लिए मंत्रमुग्ध कर देने वाली रही। लोक कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-शैली, लोकगीत और सांस्कृतिक विविधता से भरी प्रस्तुतियों ने पूरा सभागार उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इससे पूर्व उन्होंने छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरीक्षण किया तथा हस्तशिल्प, कला-कृतियों और स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों में प्रदर्शित नवाचारों और परंपरागत कला का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों और उद्यमियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संवाहक बताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा—
“दिल्ली में जब ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की गूँज उठती है तो हर छत्तीसगढ़वासी गर्व से भर जाता है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री ने राज्य की मिलेट्स परंपरा, जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक-नृत्यों को छत्तीसगढ़ की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया। उन्होंने देशवासियों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
लोक-नृत्यों ने बाँधा समां
सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ की विविध लोक-शैलियों का ऐसा समागम देखने को मिला जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गौरा-गौरी की श्रद्धा
भोजली की हरियाली का उल्लास
राउत नाचा की रोमांचक ऊर्जा
सुआ नृत्य की गीतमय धुन
पंथी की आध्यात्मिक गरिमा
करमा की मनभावन लय
इन सबने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को शानदार रूप में प्रस्तुत किया। दर्शक लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, कांकेर सांसद भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल व प्रबोध मिंज, मुख्य सचिव विकास शील, विभागीय सचिव रोहित यादव, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अनेक अधिकारी भी मौजूद रहे।






