
✍️ भागीरथी यादव
दुर्ग।
तालाब में डूबने से आरक्षक की असामयिक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को शोक में डुबो दिया। परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने के बाद गहरे दुख में डूबे परिजनों के लिए पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) योजना राहत की किरण बनकर सामने आई। भारतीय स्टेट बैंक और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से शहीद आरक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
जिला दुर्ग में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 776 विक्रम सिंह का 4 मई 2018 को एक दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। बेटे को खोने का दर्द झेल रहीं उनकी माता सरोज ठाकुर की आंखें उस वक्त नम हो गईं, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, एसबीआई क्षेत्रीय प्रबंधक रूपक मंडल और आदर्श नगर शाखा प्रबंधक विनीता कोसरिया ने उन्हें एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा।
यह सहायता राशि पुलिस विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू के तहत पुलिस सैलरी पैकेज योजना से प्राप्त हुई है। इस योजना का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान या दुर्घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि परिवार को कमाऊ सदस्य के न रहने का बोझ अकेले न उठाना पड़े।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि,
“पुलिसकर्मी समाज और कानून की रक्षा करते हुए कई बार अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं। ऐसी योजनाएं उनके परिवारों को यह भरोसा देती हैं कि वे अकेले नहीं हैं।”
भारतीय स्टेट बैंक द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु, स्थायी पूर्ण विकलांगता अथवा आंशिक विकलांगता की स्थिति में अलग-अलग बीमा राशि देने का प्रावधान है। यह योजना उन परिवारों के लिए संबल बनती है, जिनके जीवन में अचानक अंधेरा छा जाता है।
आरक्षक विक्रम सिंह तो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और पुलिस विभाग की यह संवेदनशील पहल उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास जरूर कर रही है।






