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✍️ भागीरथी यादव
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 13 दिसंबर 2025 को होने जा रहा है। आम जनता को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय दिलाने के लक्ष्य के साथ इस महाअभियान की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
यह बैठक माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर लोक अदालत की तैयारी, प्रकरणों के चिन्हांकन और जन-जागरूकता रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
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दो पालियों में हुई विस्तृत समीक्षा
प्रथम पाली – राजस्व एवं प्रशासनिक अमला
पहले सत्र में अपर कलेक्टर श्री जगरनाथ वर्मा, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और कार्यकारी मजिस्ट्रेट (तहसीलदार) मौजूद रहे।
इस सत्र में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए अधिकतम मामलों को लोक अदालत के लिए चिन्हित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
द्वितीय पाली – पुलिस विभाग
दूसरे सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, सभी थाना प्रभारी और यातायात प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस से संबंधित विवादों और छोटे-मोटे दंडनीय मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने पर गहन चर्चा की गई।
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बैठक के प्रमुख निर्णय और रणनीति
राजीनामा योग्य मामलों का चिन्हांकन:
जिला न्यायालय, तालुका न्यायालय, कुटुंब न्यायालय और सभी राजस्व न्यायालयों में लंबित समझौतायोग्य प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए लोक अदालत में प्रस्तुत करने पर सहमति बनी।
प्री-लिटिगेशन मामलों पर विशेष फोकस:
पारिवारिक विवाद
जमीन-सीमा विवाद
वित्तीय सेवाओं से जुड़े मामले (बैंक रिकवरी, बिजली/पानी/फोन बिल आदि)
इन मामलों को प्रारंभिक स्तर पर ही लोक अदालत के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया गया।
जन-जागरूकता अभियान:
जिले के अंतिम छोर तक लोक अदालत की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्रिय प्रचार-प्रसार, ग्राम स्तर पर बैठकें और जागरूकता अभियानों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
लक्ष्य:
राज्य और जिला प्रशासन की समन्वित निगरानी में वित्तीय सेवाओं से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों में अधिकतम राहत प्रदान करना—इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य तय किया गया है।—
बैठक में रहे उपस्थित
श्रीमती विनीता वार्नर – अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
श्री मानवेंद्र सिंह – प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश
श्री डी.एस. बघेल – मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
सुश्री पायल टोपनो – सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
साथ ही न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को न्यायिक राहत उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ सूरजपुर जिले में तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। यह आयोजन आम जनता के लिए न्याय को सुगम, सरल और सुलभ बनाने की एक प्रभावी पहल साबित होगा।





