समाजसेवा की अमिट पहचान: स्व. श्री गोविंद राम अग्रवाल का जीवन प्रेरणा बना

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं वरिष्ठ व्यवसायी स्वर्गीय श्री गोविंद राम अग्रवाल का संपूर्ण जीवन सेवा, संगठन और शिक्षा के उत्थान को समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व केवल व्यापार तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक सरोकारों को जीवन का मूल उद्देश्य मानते थे। उनके निधन से कोरबा ही नहीं, पूरे अग्रवाल समाज और व्यापारिक समुदाय को अपूरणीय क्षति हुई है।

30 दिसंबर 1950 को रायगढ़ जिले के खरसिया नगर में जन्मे अग्रवाल जी ने संघर्ष और परिश्रम को अपनी सफलता की नींव बनाया। प्रारंभिक जीवन से ही उन्होंने नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और अनुशासन को प्राथमिकता दी। यही कारण रहा कि वे व्यापार और समाज दोनों क्षेत्रों में सम्मानित स्थान प्राप्त कर सके।

व्यापार जगत में मजबूत नेतृत्व

कोरबा आगमन के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को सुदृढ़ आधार दिया। वे चेंबर ऑफ कॉमर्स, कोरबा के उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे। उनके नेतृत्व में व्यापारिक एकता, संवाद और सहयोग की परंपरा मजबूत हुई। वे मानते थे कि संगठित व्यापारी वर्ग ही क्षेत्रीय विकास की गति को आगे बढ़ा सकता है।

सामाजिक संगठन में सक्रिय भूमिका

अग्रवाल सभा के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज में शिक्षा, संस्कार और आपसी सहयोग की भावना को सशक्त किया। समाज के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं होती थी, बल्कि वे सक्रिय मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। उनके प्रयासों से संगठन में समन्वय और सहभागिता का वातावरण बना।

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान

कोरबा में अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के निर्माण और संचालन में उनका आर्थिक एवं नैतिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनका स्पष्ट मत था कि बेटियों की शिक्षा ही समाज को सशक्त और प्रगतिशील बनाती है। महाविद्यालय के शीघ्र निर्माण और सुचारू प्रारंभ में उनकी भूमिका को समाज आज भी सम्मान के साथ याद करता है।

सरलता और संवेदनशीलता का प्रतीक

स्व. अग्रवाल जी का जीवन सादगी, विनम्रता और सहयोग की भावना का उदाहरण था। वे पद और प्रतिष्ठा के बावजूद व्यवहार में अत्यंत सहज और आत्मीय थे। समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ उनका सम्मानजनक और संवेदनशील संबंध था।

आज उनके बारहवें एवं पगड़ी रस्म के अवसर पर पूरा समाज भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनका जीवन संदेश देता है कि सच्ची उपलब्धि वही है, जो समाज को सशक्त करे और आने वाली पीढ़ियों को दिशा दे।

स्व. श्री गोविंद राम अग्रवाल सदैव समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में स्मरण किए जाते रहेंगे।

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