
✍️ भागीरथी यादव
धान खरीदी प्रक्रिया को सरल, आधुनिक और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किया गया ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप इस वर्ष किसानों के लिए बड़ा तकनीकी वरदान साबित हो रहा है। ऐप ने किसानों को उपार्जन केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और भीड़भाड़ की समस्या से लगभग मुक्ति दिला दी है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे मोबाइल से ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे हैं।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले के सभी 129 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया निरंतर और व्यवस्थित रूप से जारी है।
किसानों ने बताई ऐप की बड़ी उपयोगिता
धान बेचने पहुंचे किसान श्री कमलेश ने बताया कि ऐप के कारण खरीदी व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने कहा, “पहले घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल से ही टोकन कट जाता है। न भीड़, न परेशानी—हम किसानों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है।”
नया केंद्र खुलने से मिली बड़ी राहत
ग्राम पदुमसरा के श्री लोधी ने बताया कि पदमी में नए उपार्जन केंद्र के शुरू होने से आसपास के किसानों को अत्यधिक सुविधा मिली है। अब उन्हें दूरस्थ केंद्रों तक धान ले जाने में समय और खर्च बर्बाद नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि केंद्र में बोरे की उपलब्धता, सुव्यवस्थित तौल, पीने के पानी व छाया की व्यवस्था तथा कर्मचारियों का सहयोग—सब कुछ व्यवस्थित और किसान हितैषी है।
3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य से बढ़ी खुशहाली
शासन द्वारा घोषित ₹3100 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य को किसान ऐतिहासिक और अत्यंत लाभकारी कदम बता रहे हैं। किसान कमलेश लोधी का कहना है, “यह दर हमारे जीवन में नई खुशहाली लेकर आई है। यह अब तक का सबसे बड़ा किसान हितैषी निर्णय है।”
किसानों की बढ़ी सुविधाएँ, तकनीक का व्यापक उपयोग और उपार्जन केंद्रों की मजबूत व्यवस्थाएँ इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता का नया मानदंड स्थापित कर रही है।






