राजिम कुंभकल्प मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर उबाल, अवैध वसूली के आरोप में व्यापारी सड़क पर

 

✍️ भागीरथी यादव

 

 

राजिम कुंभकल्प मेले के शुभारंभ के साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मेले में दुकान आवंटन के नाम पर कथित अवैध वसूली और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मगरलोड क्षेत्र के व्यापारियों ने लोमस ऋषि आश्रम के समीप धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि मेले में दुकान लगाने के लिए उनसे जबरन एक हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। छोटे व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजन में इस तरह की वसूली न केवल अनुचित है, बल्कि उनके सीमित आर्थिक संसाधनों पर सीधा प्रहार भी है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी अपने कामकाज छोड़कर आंदोलन में शामिल हो गए हैं।

विरोध प्रदर्शन में मगरलोड जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आ गए हैं। उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। न तो प्रशासन ने उनसे कोई परामर्श किया और न ही व्यवस्थाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की गई। जनप्रतिनिधियों ने गरियाबंद जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे प्रशासनिक तानाशाही करार दिया।

मेले के शुरुआती दिनों में ही उपजे इस विवाद ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते पारदर्शी और समन्वित व्यवस्था बनाई जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। फिलहाल, व्यापारी और जनप्रतिनिधि अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और प्रशासन से अवैध वसूली पर रोक तथा पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।

  • Related Posts

    डूमरकछार चौक पर अवैध शराब का कहर: बाहरी दबंगों के चंगुल में फंस रहा आदिवासी समाज

    ✍️ भागीरथी यादव   पाली | डूमरकछार चौक और आसपास का क्षेत्र इन दिनों अवैध गतिविधियों का केंद्र बन गया है, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय का भविष्य दांव पर लग गया है। उत्तर प्रदेश से आए एक परिवार द्वारा संचालित अवैध शराब के कारोबार ने न केवल गांव की शांति भंग की है, बल्कि युवाओं और बच्चों को भी नशे के अंधेरे में धकेल दिया है। प्रमुख बिंदु: संकट के घेरे में गांव खुलेआम बिक्री: राष्ट्रीय राजमार्ग के ओवरब्रिज के नीचे और सड़क किनारे धड़ल्ले से अवैध शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी शराब भट्टी से स्टॉक लाकर यहाँ ऊंचे दामों और अवैध तरीके से खपाया जाता है। सरकारी जमीन पर कब्जा: अवैध शराब के साथ-साथ संबंधित परिवार पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का भी आरोप है। दबंगई और धमकियां: जब स्थानीय आदिवासी ग्रामीण इस अवैध कार्य का विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पक्ष प्रशासन में ऊंची पहुंच का हवाला देकर उन्हें चुप करा देता है। प्रशासनिक मौन पर उठते सवाल इस पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की चुप्पी ने ग्रामीणों के मन में गहरा रोष पैदा कर दिया है। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई फाइलों में ही दबी रह जाती है। ग्रामीणों की चेतावनी: “अगर प्रशासन ने जल्द ही अवैध कब्जे और शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगाई, तो यह स्थिति बड़े सामाजिक संघर्ष का रूप ले सकती है। हमारी संस्कृति और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।”

    वायरल वीडियो विवाद: पुलिस के आचरण और नागरिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

    ✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी (पोड़ी) | 03 फरवरी 2026 पोड़ी थाना क्षेत्र में 31 जनवरी की रात वाहन चेकिंग के दौरान हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण ने जहाँ पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं, वहीं नागरिकों के उत्तरदायित्व और कानून के प्रति उनके रवैये को भी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। क्या है पूरा मामला? बीती 31 जनवरी की रात लगभग 9:00 बजे वाहन चेकिंग के दौरान पोड़ी पुलिस और एक चारपहिया वाहन चालक के बीच तीखी बहस हुई। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पोड़ी, निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया है। मामले की जांच सीएसपी चिरमिरी दीपिका मिंज को सौंपी गई है, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट पेश करनी है। सिक्के का दूसरा पहलू: नागरिक जिम्मेदारी घटना के विश्लेषण से यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि केवल पुलिस का व्यवहार ही विवाद का कारण नहीं था। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे हैं: वाहन न रोकना: चेकिंग के दौरान चालक ने शुरुआत में वाहन नहीं रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हुई। नियमों का उल्लंघन: कथित तौर पर निजी वाहन का उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्य के लिए किया जा रहा था। दबाव की राजनीति: वीडियो में वाहन मालिक द्वारा “मंत्री जी लाइन पर हैं” कहकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। अधूरी सच्चाई और सोशल मीडिया का प्रभाव इस मामले ने सोशल मीडिया पर सूचनाओं के ‘सिलेक्टिव’ (चुनिंदा) प्रसार पर भी सवाल उठाए हैं। घटना के पूरे संदर्भ को दिखाने के बजाय केवल विवादित अंशों को वायरल करना जनमत को गुमराह करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है। चालान पर भी विवाद इस मामले में चिरमिरी निवासी प्रभात केशरवानी के विरुद्ध 5,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया है, जिसे गलत बताते हुए पीड़ित पक्ष ने आपत्ति जताई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चालान नियमों के तहत काटा गया या यह प्रशासनिक त्रुटि है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस से संयम और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब नागरिक भी कानून का सम्मान करें। अनुशासन की नींव पुलिस और जनता, दोनों के सहयोग से ही मजबूत होती है।  

    अन्य खबरे

    डूमरकछार चौक पर अवैध शराब का कहर: बाहरी दबंगों के चंगुल में फंस रहा आदिवासी समाज

    डूमरकछार चौक पर अवैध शराब का कहर: बाहरी दबंगों के चंगुल में फंस रहा आदिवासी समाज

    वायरल वीडियो विवाद: पुलिस के आचरण और नागरिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

    वायरल वीडियो विवाद: पुलिस के आचरण और नागरिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

    ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: बैकुंठपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का घेराव कर जताया विरोध

    ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: बैकुंठपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का घेराव कर जताया विरोध

    सड़क सुरक्षा पर संकट: बेखौफ दौड़ रहे नियम विरुद्ध वाहन, एमसीबी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

    सड़क सुरक्षा पर संकट: बेखौफ दौड़ रहे नियम विरुद्ध वाहन, एमसीबी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

    प्रेरणा: शारीरिक बाधाओं को मात देकर मधु साहू बनीं लेखा सेवा अधिकारी, शासन ने किया सम्मानित

    प्रेरणा: शारीरिक बाधाओं को मात देकर मधु साहू बनीं लेखा सेवा अधिकारी, शासन ने किया सम्मानित

    CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम लागू

    CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम लागू