
जिले से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है। ग्राम बाइसेमर, चैतमा चौकी क्षेत्र में रहने वाले 50 वर्षीय किताब सिंह, पिता स्व. पूरन सिंह, ने अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, किताब सिंह अपनी पत्नी कमलाबाई के मात्र तीन माह पहले हुए निधन के बाद से ही गहरे सदमे में थे। पत्नी की मृत्यु ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था। वह अक्सर गुमसुम रहते, घर में अकेले ही समय बिताते और उनका मन कहीं नहीं लगता था। अकेलेपन और दुख से जूझते-जूझते आखिरकार उन्होंने जिंदगी से हार मान ली।
शनिवार की रात उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर दुखद कदम उठा लिया। परिजनों और ग्रामीणों को जब इसकी खबर लगी, तो पूरे गांव में मातम छा गया। लोग बताते हैं कि किताब सिंह अपनी पत्नी से बेहद लगाव रखते थे, और उनकी मौत ने उन्हें भीतर तक कमजोर कर दिया था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भिजवाकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि किताब सिंह मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव और अकेलेपन का सामना कर रहे थे।
यह घटना एक दर्दनाक याद दिलाती है कि अकेलापन और मानसिक आघात इंसान को किस कदर तोड़ सकता है। ऐसे समय में परिवार, समाज और साथ की जरूरत सबसे ज्यादा होती है।






