
🙏 भागीरथी यादव
मैनपुर। उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गरियाबंद वन परिक्षेत्र के तौरेंगा बफर क्षेत्र अंतर्गत परिसर कोकड़ी के राजस्व क्षेत्र में एक नर तेंदुआ अवैध जाल-फंदे में फंसा हुआ घायल अवस्था में पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
घटना 25 दिसंबर 2025 की है, जब वन अमले को सूचना मिली कि टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक वन्य प्राणी गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देखा कि एक नर तेंदुआ अवैध रूप से लगाए गए जाल-फंदे में फंसा हुआ है। तत्काल रेस्क्यू कर तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार हेतु भेजा गया।
इस गंभीर वन्य अपराध के संबंध में वन अपराध प्रकरण (POR) क्रमांक 170/24, दिनांक 25/12/2025 दर्ज कर आरोपियों की पहचान व तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान अवैध शिकार में संलिप्त दो आरोपियों को चिन्हित कर 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में
(1) सोना सिंह मंडावी, पिता अयतु राम मंडावी, जाति गोड, उम्र 34 वर्ष
(2) अयतु राम मंडावी, पिता बुधराम मंडावी, जाति गोड, उम्र 65 वर्ष
निवासी ग्राम नगबेल (टांगरापानी), थाना शोभा, तहसील मैनपुर, जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय, गरियाबंद के समक्ष रिमांड पर प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें जिला जेल गरियाबंद में दाखिल कराया गया है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह के अपराधों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शिकार, जाल-फंदा या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचित करें।






