
पश्चिम क्षेत्र में स्थानीय बेरोजगारों को निजी कंपनियों में प्राथमिकता से रोजगार देने की मांग को लेकर शनिवार सुबह छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का बड़ा आंदोलन शुरू होते ही पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर कुसमुंडा थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ जारी है।
संगठन ने आरोप लगाया कि एसईसीएल खदान में कार्यरत नीलकंठ कंपनी सहित अन्य निजी कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का आश्वासन दिया, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन किया गया और न ही सूचीबद्ध स्थानीय वाहन चालकों को नियुक्त किया गया। इसके उलट बाहरी राज्यों के लोगों को भर्ती किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी रोष है।
योजना के तहत गेट जाम करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पहले ही रोक कर हिरासत में ले लिया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर की गई कार्रवाई को संगठन ने ‘अलोकतांत्रिक’ बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थानीयों के रोजगार पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक होगा।
कुसमुंडा थाने के बाहर अब संगठन के अन्य सदस्य भी जुटने लगे हैं, और पुलिस स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।






