
📍 सिरमिना (कोरबी), कोरबा | सुशील जायसवाल
पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, सिरमिना के पुनर्गठन को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित पुनर्गठन के तहत नवापारा-सिरमिना में नई सहकारी समिति और धान उपार्जन केंद्र खोलने के फैसले का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
इस मुद्दे को लेकर जनपद सदस्य एवं मत्स्य व पशुपालन विभाग के सभापति भारत सिंह सिदार, सरपंच श्रीमती शामबाई बिंझवार और गायत्री आयम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
❗ जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में सिरमिना सहकारी समिति के अंतर्गत अटारी कुदरी, छिंदिया बाबूपारा, आमा मुड़ा, दम्हा मुड़ा (मड़िया कछार), सिरमिना, नवापारा, घोसरा, सिमगा, जामकछार, गडरा, अलगा डांड, सरपता और बांधापारा सहित कई ग्राम पंचायतें जुड़ी हुई हैं। इन गांवों की दूरी भी काफी कम है, जिससे संचालन सुगम है।
🚜 किसानों को होगी दिक्कत
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नवापारा में नई समिति खुलने से दूरस्थ गांवों के किसानों को धान बेचने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ेंगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि:
निर्णय में बहुमत की सहमति नहीं ली गई
ग्राम पंचायत और जनपद क्षेत्र एक ही है
पंजीयन कार्यालय और संयुक्त आयुक्त, बिलासपुर में दावा-आपत्ति पहले ही दर्ज है
अब तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई
📌 पुराने प्रस्ताव की अनदेखी
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2023 में सिमगा में धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन धान खरीदी शुरू होने के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। इसके बावजूद अब उस प्रस्ताव को नजरअंदाज किया जा रहा है।
📍 सिमगा को बताया बेहतर विकल्प
क्षेत्र के किसानों और सरपंचों का कहना है कि सिमगा भौगोलिक रूप से सभी गांवों के बीच स्थित है और वहां पहुंचना आसान है। साथ ही वहां पर्याप्त शासकीय भूमि भी उपलब्ध है। ऐसे में सिमगा को ही केंद्र के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताया जा रहा है।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधि धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
