
रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक स्थित कोड़सिया के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास से जुड़ा एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो–फोटो में छात्रावास की छात्राएं खुद दीवारों पर रंगाई–पुताई करती और सफाई कार्य में जुटी दिखाई दे रही हैं।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्राएं बाल्टी में रंग घोल रही हैं, जबकि अन्य छात्राएं कमरे की दीवारों पर चढ़कर पेंट कर रही हैं। इस दौरान मौके पर किसी कर्मचारी या अधिकारी की मौजूदगी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश और सवाल दोनों उठने लगे है

मिली जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास में कक्षा 6वीं से 10वीं तक की लगभग 35–40 छात्राएं रहती हैं। हर साल छात्रावास के रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत होती है। ऐसे में छात्राओं से रंगाई–पुताई कराए जाने की घटना ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आदिवासी विकास विभाग हरकत में आया है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि छात्राओं से जबरन काम कराया गया पाया गया, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं छात्रावास प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है कि रंगाई–पुताई के लिए मजदूर लगाए गए थे और उनकी गैरमौजूदगी में छात्राओं ने स्वयं कार्य करना शुरू कर दिया।
अब जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी, लेकिन फिलहाल वायरल वीडियो–फोटो ने छात्रावासों की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।






