
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी (पोड़ी) | 03 फरवरी 2026
पोड़ी थाना क्षेत्र में 31 जनवरी की रात वाहन चेकिंग के दौरान हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण ने जहाँ पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं, वहीं नागरिकों के उत्तरदायित्व और कानून के प्रति उनके रवैये को भी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 31 जनवरी की रात लगभग 9:00 बजे वाहन चेकिंग के दौरान पोड़ी पुलिस और एक चारपहिया वाहन चालक के बीच तीखी बहस हुई। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पोड़ी, निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया है। मामले की जांच सीएसपी चिरमिरी दीपिका मिंज को सौंपी गई है, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट पेश करनी है।
सिक्के का दूसरा पहलू: नागरिक जिम्मेदारी
घटना के विश्लेषण से यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि केवल पुलिस का व्यवहार ही विवाद का कारण नहीं था। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे हैं:
वाहन न रोकना: चेकिंग के दौरान चालक ने शुरुआत में वाहन नहीं रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हुई।
नियमों का उल्लंघन: कथित तौर पर निजी वाहन का उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्य के लिए किया जा रहा था।
दबाव की राजनीति: वीडियो में वाहन मालिक द्वारा “मंत्री जी लाइन पर हैं” कहकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।
अधूरी सच्चाई और सोशल मीडिया का प्रभाव
इस मामले ने सोशल मीडिया पर सूचनाओं के ‘सिलेक्टिव’ (चुनिंदा) प्रसार पर भी सवाल उठाए हैं। घटना के पूरे संदर्भ को दिखाने के बजाय केवल विवादित अंशों को वायरल करना जनमत को गुमराह करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है।
चालान पर भी विवाद
इस मामले में चिरमिरी निवासी प्रभात केशरवानी के विरुद्ध 5,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया है, जिसे गलत बताते हुए पीड़ित पक्ष ने आपत्ति जताई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चालान नियमों के तहत काटा गया या यह प्रशासनिक त्रुटि है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस से संयम और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब नागरिक भी कानून का सम्मान करें। अनुशासन की नींव पुलिस और जनता, दोनों के सहयोग से ही मजबूत होती है।






