
मनेंद्रगढ़। जिले में फर्जी पत्रकारिता और यूट्यूब चैनलों के जरिए अफवाह फैलाने व ब्लैकमेल करने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारी व पुलिस पहले से ही इन हरकतों से परेशान हैं, अब व्यापारी भी खुलकर आवाज उठाने लगे हैं।
व्यापारी का आरोप – झूठे वीडियो से छवि धूमिल
कठौतिया और एच-43 मार्ग स्थित पंकज ढाबा के संचालक पंकज गुप्ता ने मीडिया के सामने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वे वर्षों से भोजन-पानी बेचकर परिवार और कर्मचारियों का खर्च चलाते हैं। लेकिन कुछ तथाकथित यूट्यूबर जानबूझकर फर्जी वीडियो बनाकर उनकी छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में उनके ढाबे से जुड़े शराब प्रकरण पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई भी मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़कर उन्हें बदनाम करे। गुप्ता ने बताया—
“13 सितंबर को मैं लोक अदालत में मौजूद था। उसी दौरान कुछ युवक मेरे ढाबे के बाहर अंडा और ठंडा-पानी खरीदते रहे। उन्होंने अपनी लाई हुई गोवा व्हिस्की मेज पर रखकर वीडियो शूट किया और बाद में प्रशासन तक पहुंचाकर मुझे फंसाने की कोशिश की।”
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ढाबा संचालक ने सवाल उठाया— “फर्जी वीडियो किसने बनाया? शराब की पैकिंग करते दिखने वाला व्यक्ति कौन था और उसका नाम क्यों नहीं लिया गया? प्रशासन को इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लानी चाहिए।”
उन्होंने साफ कहा—
“यदि मेरे ढाबे में कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है, तो प्रशासन स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करे। लेकिन झूठे वीडियो बनाकर बदनाम करने और ब्लैकमेल करने वालों पर भी कठोर कदम उठाया जाए, अन्यथा जनता का प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा।”
गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि घटना का सीसीटीवी फुटेज उनके पास सुरक्षित है, जिसे वे प्रशासन को सौंपेंगे।
व्यापारी और अधिकारी दोनों परेशान
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कुछ यूट्यूबर खुद को पत्रकार बताकर ढाबों व दुकानों में मुफ्त चाय-नाश्ता मांगते हैं। इनकार करने पर वे फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं, जिससे व्यापारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी यूट्यूबर और तथाकथित पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि व्यापारी और आमजन शांति से अपना व्यवसाय चला सकें।






