
कोरबा। शांत मानी जाने वाली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रामपुर में उस समय सनसनी फैल गई, जब पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नितिन चौरसिया पर कुछ युवकों ने सरेराह हमला कर दिया। यह हमला केवल मारपीट नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश बताया जा रहा है, क्योंकि हमलावरों ने जानबूझकर उनके उसी पैर पर वार किया, जिसमें पहले सर्जरी के बाद रॉड डली हुई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 जनवरी 2026 की रात करीब 8:15 बजे नितिन चौरसिया अपने घर लौट रहे थे, तभी कॉलोनी के ही कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। पहले गाली-गलौच हुई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। आरोप है कि शिवम पाण्डेय, फरदीन, अभिषेक और तेजस ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया।
नितिन के अनुसार, कुछ दिन पहले कॉलोनी में तेज रफ्तार बाइक चलाने को लेकर विवाद हुआ था। उसी दौरान उनका मासूम बेटा एक बड़े हादसे से बाल-बाल बचा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपी युवकों ने रंजिश पाल ली और मौका पाकर हमला कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि पहले पीछे से लात मारकर उन्हें गिराया गया, फिर जमीन पर पड़े होने के दौरान बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों को यह अच्छी तरह मालूम था कि कुछ माह पहले उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था, इसके बावजूद उसी पैर को निशाना बनाया गया। इस हमले में उनके दाहिने पैर और पंजे में दोबारा फ्रैक्चर हो गया, जबकि शरीर में कई अंदरूनी चोटें आई हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं पुलिस ने नितिन चौरसिया की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 296 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में और सख्ती की जा सकती है।
यह मामला न केवल एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि शहर में बढ़ती गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करता है।






