
✍️ भागीरथी यादव
रामानुजगंज में सनसनी, तीन आरोपी गिरफ्तार**
रामानुजगंज।
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज अंतर्गत थाना सनावल क्षेत्र से महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। छठी कार्यक्रम में शामिल होने जा रही एक महिला और उसके साथियों के साथ छेड़खानी, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
छठी कार्यक्रम में जा रहे लोगों को रास्ते में रोका
पीड़िता ने थाना सनावल में दर्ज शिकायत में बताया कि 23 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने साथियों—रंजू सिंह, शुभम सिंह, सूरज सिंह, रोशनी सिंह, श्यामदेव सिंह, गौरीशंकर सिंह और चालक—के साथ ग्राम त्रिशूली में सत्यनारायण सिंह के यहां आयोजित छठी कार्यक्रम में जा रही थी।
इसी दौरान ग्राम मदरू टोला के पास मोटरसाइकिल से आए आरोपियों ने उनके वाहन को रोकने का प्रयास किया। जब वाहन नहीं रुका, तो आरोपियों ने पीछा कर जबरन गाड़ी रुकवाई।
चालक से मारपीट, महिला से छेड़खानी और लूट
आरोप है कि वाहन रुकते ही आरोपियों ने चालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान रंजू सिंह के गले से सोने की चेन छीन ली गई और पीड़िता के साथ छेड़खानी की गई।
राहगीरों को भी नहीं छोड़ा
घटना यहीं नहीं रुकी। मौके से गुजर रहे नीरज सिंह और उज्जवल को भी रोककर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और वाहन में तोड़फोड़ की। बाद में मौके पर पहुंचे अशोक सिंह और सूर्यप्रताप सिंह के साथ भी लाठी-डंडे और घूंसे से हमला किया गया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सभी को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना सनावल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गवाहों के बयान और पूछताछ के आधार पर कृष्णा यादव, रवि यादव और दिनेश यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया।
हथियार बरामद, चेन झूमाझटकी में गिरने की बात
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बांस का डंडा बरामद किया है। वहीं सोने की चेन को लेकर आरोपियों ने बताया कि झूमाझटकी के दौरान वह गिर गई थी।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
तीनों आरोपी थाना सनावल क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
👉 यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सार्वजनिक रास्तों पर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई कितनी जरूरी है।





