
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने शहर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है, जो 23 जनवरी से प्रभावशील होगी। इसके साथ ही रायपुर उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां आधुनिक और अधिकार-संपन्न पुलिस व्यवस्था लागू है।
21 थाने सीधे कमिश्नरी सिस्टम के अधीन
नई व्यवस्था के तहत रायपुर शहर के 21 प्रमुख थाने अब सीधे पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के अंतर्गत काम करेंगे। इसका दायरा सिविल लाइन से लेकर खम्हारडीह थाना क्षेत्र तक रहेगा। शहर के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों को इस सिस्टम में शामिल किए जाने से अपराध नियंत्रण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
37 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई कमान
कमिश्नरी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 37 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे पुलिस प्रशासनिक ढांचे में स्पष्टता आएगी और आदेश-निर्देशों के पालन में देरी नहीं होगी।
क्या है पुलिस कमिश्नरी सिस्टम?
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रेटी अधिकार प्राप्त होते हैं। यानी कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों के लिए पुलिस को जिला प्रशासन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
धारा 144 लागू करना
जुलूस, धरना-प्रदर्शन की अनुमति
त्वरित प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
जैसे फैसले पुलिस कमिश्नर सीधे ले सकते हैं।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
त्वरित कार्रवाई: अपराध या विवाद की स्थिति में पुलिस तुरंत निर्णय ले सकेगी।
बेहतर कानून-व्यवस्था: संवेदनशील मामलों में देरी कम होगी।
जवाबदेही तय: एकीकृत कमान होने से जिम्मेदारी स्पष्ट रहेगी।
अपराध पर नियंत्रण: अपराधियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई संभव होगी।
शहर की सुरक्षा को मिलेगी नई धार
सरकार और पुलिस प्रशासन का मानना है कि कमिश्नरी सिस्टम से रायपुर में पुलिसिंग ज्यादा प्रोफेशनल, आधुनिक और जनता-केंद्रित होगी। बढ़ते शहरीकरण और आबादी के बीच यह व्यवस्था राजधानी की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
23 जनवरी से रायपुर में पुलिस सिर्फ कानून की रक्षक नहीं, बल्कि त्वरित निर्णय लेने वाली मजबूत व्यवस्था के रूप में नजर आएगी।






