धमतरी इतिहास के नए अध्याय में प्रवेश, जिला हुआ पूरी तरह नक्सल मुक्त

✍️ भागीरथी यादव

 

 

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने नक्सल हिंसा के लंबे और कठिन दौर को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया है। जिले को अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। माओवादी संगठन की सीतानदी एरिया कमेटी से जुड़े अंतिम बचे 9 इनामी नक्सलियों ने रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के समक्ष हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे जिले में नक्सल गतिविधियों का पूर्णतः अंत हो गया।

47 लाख के इनामी 9 नक्सलियों का सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वालों में 7 महिलाएं और 2 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

2 नक्सलियों पर ₹8-8 लाख

6 नक्सलियों पर ₹5-5 लाख

1 नक्सली पर ₹1 लाख का इनाम

लंबे समय से ये नक्सली सुरक्षाबलों के लिए गंभीर चुनौती बने हुए थे।

हथियारों का जखीरा पुलिस के हवाले

सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण सौंपे। इनमें—

5 ऑटोमेटिक राइफल

2 SLR, 2 INSAS, 1 कार्बाइन

1 भरमार बंदूक

लगभग 50 जिंदा कारतूस

वॉकी-टॉकी, रेडियो और टैबलेट शामिल हैं।

यह बरामदगी नक्सली नेटवर्क के पूरी तरह बिखरने का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।

शीर्ष और तकनीकी कैडर ने भी डाले हथियार

आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के वरिष्ठ और तकनीकी कैडर के नक्सली शामिल हैं—

डीवीसीएम ज्योति, डीवीसीएम (टेक्निकल) उषा, एलओएस कमांडर रामदास, सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर रोनी उमा, एससीएम (टेक्निकल) निरंजन, एसीएम सिंधु, एसीएम रीना, एसीएम अमिला और लक्ष्मी (बॉडीगार्ड)।

अब विकास और सामान्य पुलिसिंग पर जोर

रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि धमतरी जिला अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। आगे इन क्षेत्रों में सामान्य पुलिसिंग, विकास कार्यों और जनसुरक्षा पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने इसे सुरक्षाबलों, पुलिस और शासन की संयुक्त रणनीति की बड़ी और निर्णायक सफलता बताया।