
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि एवं शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश में शराब दुकानें खुली रखने के निर्णय को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेत्री पूनम सिंह ने इस फैसले को गांधीवादी विचारधारा और देश के शहीदों के सम्मान के विपरीत बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
जारी बयान में पूनम सिंह ने कहा कि 30 जनवरी का दिन वर्षों से पूरे देश में शहीदों को श्रद्धांजलि देने और संयम का संदेश देने के उद्देश्य से शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। ऐसे पवित्र दिन पर शराब की बिक्री की अनुमति देना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन आदर्शों के खिलाफ है, जिनके लिए महात्मा गांधी और अन्य शहीदों ने अपना जीवन बलिदान किया।
सुशासन के दावों पर सवाल
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार सुशासन के दावे करती है, लेकिन शहीद दिवस पर शराब दुकानें खुली रहना इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। चुनाव के समय शराबबंदी और नैतिक मूल्यों की बात करने वाली भाजपा सरकार ने अपने ही वादों से पीछे हटने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व को प्राथमिकता देकर सरकार ने छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की अनदेखी की है। मनेन्द्रगढ़ सहित पूरे प्रदेश में शराब बिक्री जारी रहना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
जनता से माफी की मांग
पूनम सिंह ने सरकार से मांग की कि वह इस निर्णय के लिए प्रदेश की जनता और गांधीवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। उन्होंने कहा कि जनता सरकार के हर फैसले पर नजर रखे हुए है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना जवाब देगी।






