
दिल्ली –
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल के साथ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और महासचिव सचिन पायलट ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य से जुड़े प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर स्पष्ट दिशानिर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की BJP सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में माइनिंग को बैकडोर से प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे आदिवासी समुदाय प्रभावित और परेशान है। कांग्रेस आदिवासी भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि BJP सरकार ने मनरेगा को कमजोर कर नया कानून लागू किया है, जिससे पंचायतों, गरीबों और मजदूरों के अधिकार छीने गए हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाएगी और यह नया कानून वापस लेने के लिए मजबूर करेगी।
बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई।
सचिन पायलट ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस की विचारधारा वाला प्रदेश है। युवाओं और आम जनता को कांग्रेस से बड़ी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।








