
कोरबा। जिले के शिवाय हॉस्पिटल से एक बेहद संवेदनहीन और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवीय मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु के बाद उनके शव को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल के डीप फ्रीजर में रखा गया था, लेकिन कथित लापरवाही के चलते फ्रीजर चालू ही नहीं किया गया। नतीजतन, शव सड़ी-गली अवस्था में परिजनों को सौंपा गया।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक के बेटे जब अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने शव की अत्यंत खराब स्थिति देखी। यह दृश्य न केवल पीड़ादायक था, बल्कि पूरे परिवार के लिए गहरा मानसिक आघात बन गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में सफाई देते हुए कहा गया कि “फ्रीजर चालू करना भूल गए”, लेकिन यह दलील लोगों के गुस्से को और भड़का रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इसे सीधी आपराधिक लापरवाही बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या यह महज एक भूल है या गंभीर लापरवाही?
जो अस्पताल एक शव तक सुरक्षित नहीं रख सकता, वहां मरीजों की सुरक्षा कितनी भरोसेमंद है?
और आखिरकार, ऐसे अस्पताल को केवल प्रोविजनल लाइसेंस के आधार पर संचालित करने की अनुमति क्यों दी गई?
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पताल के लाइसेंस की समीक्षा की जाए।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। नागरिकों का साफ कहना है कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारों पर सख्त दंड होना चाहिए।
