डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ की साइबर ठगी, राजस्थान से अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बिलासपुर। “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया था। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है।

रेंज साइबर थाना बिलासपुर में इस मामले में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस एवं 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ “डिजिटल अरेस्ट” का खेल

पीड़िता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर एक आरोपी ने खुद को “संजय PSI” बताकर संपर्क किया। आरोपी ने महिला को बताया कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला को घंटों तक कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। आरोपियों ने पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर महिला पर लगातार मानसिक दबाव बनाया। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों से संपर्क करने पर बेटे और अन्य परिजनों को भी फंसाने की धमकी दी गई।

आरोपियों ने महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट आदेश और आरबीआई नोटिस भेजकर भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। डर और मानसिक प्रताड़ना के चलते महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।

1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर

ठगों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। विभिन्न तिथियों में कुल 1,04,80,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भी आरोपी “केस खत्म कराने” के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।

जब पीड़िता ने पूरी घटना अपने पुत्र को बताई, तब मामले का खुलासा हुआ और तत्काल रेंज साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।

तकनीकी जांच से खुला साइबर नेटवर्क

मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।

बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी

रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष), निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू, राजस्थान

विशाल सिंह (20 वर्ष), निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू, राजस्थान

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी। इसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच अभी जारी है। पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक श्री गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह एवं नोडल अधिकारी श्री गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने की।