✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर, 11 जुलाई। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.04 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 08 हो गई है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से ठगों ने अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को यह कहकर डराया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और वे धन भेजने के मामले में जांच के दायरे में हैं।
ठगों ने महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर मानसिक रूप से भयभीत किया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। पहले 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब नागपुर (महाराष्ट्र) से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
राहुल प्रकाश कामडी (38 वर्ष), ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर।
गौरव रमाकांत मिश्रा (27 वर्ष), वसंत नगर, अंजनी, नागपुर।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवाद के नाम पर डराकर पैसे ट्रांसफर कराने का दबाव बनाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in� पर रिपोर्ट करें तथा निकटतम पुलिस या साइबर थाने से संपर्क करें।
यह कार्रवाई आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।
