✍️ भागीरथी यादव
सी-डैक के मास्टर ट्रेनरों ने CAD, Mobile PTT और Camera सिस्टम का कराया व्यवहारिक प्रशिक्षण, आपातकालीन पुलिस सेवा होगी और तेज व तकनीक-सक्षम।
धमतरी, 11 जुलाई। आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक तेज, प्रभावी एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में धमतरी में तीन जिलों का संयुक्त दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में धमतरी, गरियाबंद और बालोद जिले के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकी प्रणाली के संचालन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण का उद्देश्य डायल-112 फेस-2 (नेक्स्ट जेनरेशन) परियोजना के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन तकनीकों में दक्ष बनाना था, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को और अधिक त्वरित, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कार्यशाला में सी-डैक (C-DAC) के मास्टर ट्रेनरों ने CAD, Mobile PTT, Camera सहित अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों के संचालन, जिला कमांड सेंटर (DCC) में इवेंट मॉनिटरिंग, इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) के तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा रियल-टाइम समन्वय की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित सिमुलेशन अभ्यास भी कराया गया, जिससे उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन कौशल में वृद्धि हो सके।
प्रशिक्षण में डायल-112 के नोडल अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक, डीसीसी प्रभारी एवं स्टाफ, ईआरवी स्टाफ, हाईवे पेट्रोलिंग तथा थाना स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी यशकरण दीप ध्रुव, डीएसपी मीना साहू, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा, रेवती वर्मा सहित सी-डैक के नेटवर्क प्रोग्रामर संकल्प केडिया एवं मास्टर ट्रेनर गोविन्दा कंवर, त्रिदेव यादव और धरम यादव उपस्थित रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह संयुक्त प्रशिक्षण भविष्य में डायल-112 सेवा को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा आमजन को त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और भरोसेमंद आपातकालीन पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
