पदोन्नति के बजाय चालू प्रभार देने का जनता यूनियन ने किया विरोध

✍️ भागीरथी यादव

 

 

रिक्त पदों को पदोन्नति से भरने और चालू प्रभार भत्ते में संशोधन की मांग

 

रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी में कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन के कर्मचारियों को कार्यालय सहायक श्रेणी-दो के रिक्त पदों पर पदोन्नति देने के बजाय चालू प्रभार सौंपे जाने के आदेश का छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने विरोध किया है।

जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने प्रबंध निदेशक, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड को पत्र सौंपकर रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूनियन लंबे समय से इस मांग को प्रबंधन के समक्ष उठाती रही है। प्रबंधन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में भी रिक्त पदों पर पदोन्नति का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद पदोन्नति के स्थान पर चालू प्रभार दिया जाना कर्मचारियों के हित में नहीं है।

यूनियन का कहना है कि वर्ष 1989 के पूर्ववर्ती मंडल के आदेश में उच्च पद का चालू प्रभार दिए जाने पर निर्धारित भत्ते का प्रावधान किया गया था। वर्तमान में महंगाई और वेतनमान में हुए बदलाव को देखते हुए इस व्यवस्था की समीक्षा कर नए सिरे से न्यायसंगत आदेश जारी किया जाना आवश्यक है।

जनता यूनियन ने कार्यालय सहायक श्रेणी-दो के सभी रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने, वर्ष 1989 के चालू प्रभार संबंधी आदेश में आवश्यक संशोधन करने तथा उच्च पद का चालू प्रभार मिलने पर वर्तमान वेतनमान के अनुरूप भत्ते की सीमा बढ़ाने की मांग की है।

प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि कर्मचारियों को उनका अधिकार पदोन्नति के माध्यम से मिलना चाहिए। रिक्त पदों पर पदोन्नति किए बिना चालू प्रभार देना कर्मचारियों के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता यूनियन कर्मचारी हितों से जुड़ी इस मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।