✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। कांग्रेस कार्यालय कोरबा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेसवार्ता कर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही प्रश्न के सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को समान अंक दिए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को अधिक अंक मिलने की शिकायत सामने आई है।
अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में पीएससी ने 265 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। नियमानुसार पदों के तीन गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए चयनित हुए। उन्होंने आयोग से मांग की कि 187 अभ्यर्थियों के न्यूनतम अंक नहीं आने का आधार सार्वजनिक किया जाए
उन्होंने वर्ष 2024 की मुख्य परीक्षा की कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन में कथित विसंगतियों का आरोप लगाया। उनके अनुसार, कुछ उत्तरों में समान जवाब होने के बावजूद अलग-अलग अंक दिए गए हैं और कुछ गलत उत्तरों पर भी अंक प्रदान किए गए हैं।
पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की कि मामले के निराकरण तक पीएससी के साक्षात्कार स्थगित किए जाएं। सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक करने, शेष अभ्यर्थियों को उनकी कॉपियां नि:शुल्क उपलब्ध कराने, उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने तथा मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी करने की मांग भी रखी।
उन्होंने कहा कि मूल्यांकनकर्ताओं के चयन के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाएं और साक्षात्कार में पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के नियम का पालन किया जाए। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 की परीक्षा में भी निर्धारित 1:3 अनुपात का पालन नहीं किया गया था।
