✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा नालसा की योजना ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय एनसीडीसी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा में किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा श्रीमती गरिमा शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और कानूनी संरक्षण के संबंध में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को संरक्षण प्रदान किया गया है। बच्चों को समझाया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें अनुचित तरीके से छूने का प्रयास करता है, तो इसकी जानकारी तत्काल अपने माता-पिता, अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को दें। किसी भी घटना को छिपाने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती नहीं करने, निजी जानकारी एवं फोटो साझा नहीं करने तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही गुड टच-बैड टच की जानकारी देकर बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. संजय कुमार तिवारी ने लैंगिक अपराधों से संबंधित जानकारी देते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में सहायता के लिए इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है। बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और अपनी समस्याएं परिवार के साथ साझा करने की सलाह भी दी गई।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती अलका फिलिप्स, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके अधिकारों की जानकारी देना रहा।
