दर्री: बाइक-कार पर पुलिस की सख्ती, तेज रफ्तार ट्रेलरों पर चुप्पी क्यों?

✍️ भागीरथी यादव 

 

कोरबा/दर्री। दर्री थाना क्षेत्र में भारी वाहनों की मनमानी और यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर पुलिस बाइक और कार चालकों को यातायात नियमों के उल्लंघन पर पकड़कर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर तेज रफ्तार से दौड़ रहे भारी वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यातायात नियम सिर्फ छोटे वाहन चालकों के लिए ही हैं?

छुरी में दर्दनाक हादसा, दर्री के युवक की गई थी जान

 

कुछ दिन पहले छुरी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था, जिसमें दर्री के एक युवक की ट्रेलर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना को अभी कुछ दिन भी नहीं बीते हैं, लेकिन भारी वाहनों की तेज रफ्तार का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ट्रेलर चालक एक-दूसरे से आगे निकलने और समय पर अपना नंबर लगाने की होड़ में वाहनों को तेज रफ्तार से दौड़ाते नजर आते हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

 राखड़ से सड़कें हो रहीं प्रभावित, बिना ढके परिवहन पर सवाल

 

दर्री क्षेत्र की सड़कों पर राखड़ परिवहन भी एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। कई बार पूरी सड़क पर राखड़ बिखरा हुआ दिखाई देता है। राखड़ लेकर चलने वाले कई वाहन ऊपर से बिना ढके ही सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। इससे राखड़ सड़क पर गिरता और हवा में उड़ता रहता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पर फैली राखड़ के कारण फिसलन और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

 

रात 10 बजे के बाद भारी वाहनों की रफ्तार पर कौन लगाएगा लगाम?

 

रात 10 बजे के बाद भी भारी वाहन तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ते हैं। इन वाहनों के बीच से गुजरने वाले बाइक सवारों और राहगीरों की जान जोखिम में बनी रहती है। जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। छुरी में हुए हादसे के बावजूद यदि भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगती है, तो यह यातायात सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

 

आखिर तेज रफ्तार ट्रेलरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब?

 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि दर्री थाना क्षेत्र में अब तक कितने तेज रफ्तार ट्रेलर और भारी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है? बिना ढके राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों पर कितनी कार्रवाई हुई है? क्या रात के समय भारी वाहनों की गति और उनके परिवहन की नियमित जांच की जा रही है?

 

पुलिस और संबंधित विभाग को विशेष जांच अभियान चलाकर तेज रफ्तार भारी वाहनों, बिना ढके राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों और सड़क पर राखड़ गिराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

 

सवाल सीधा है—बाइक और कार चालकों पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है, तो तेज रफ्तार ट्रेलरों और खुले में राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों पर सख्ती क्यों नहीं? क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

 

सड़क पर सुरक्षित आवागमन का अधिकार सभी को है। यातायात नियमों का पालन छोटे और बड़े, सभी वाहन चालकों के लिए समान रूप से अनिवार्य होना चाहिए।