
✍️ भागीरथी यादव
अयोध्या। लंबे इंतज़ार के बाद अब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं।
ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटा क्षेत्र के छह मंदिर — भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार मंदिर — का भी निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। सभी मंदिरों पर ध्वजदंड एवं कलश स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके साथ ही सप्त मण्डप के अंतर्गत आने वाले महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषिपत्नी अहिल्या मंदिर भी पूरी तरह बनकर तैयार हैं। संत तुलसीदास मंदिर का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है, जबकि परिसर में जटायु और गिलहरी की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
ट्रस्ट ने बताया कि दर्शनार्थियों की सुविधा से जुड़े सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। एलएंडटी द्वारा सड़कों और फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने का कार्य तथा जीएमआर द्वारा भूमि सौंदर्य, हरियाली और लैंडस्केपिंग का कार्य तेजी से जारी है। वहीं 3.4 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार जैसे कार्य प्रगति पर हैं, जिनका सीधा संबंध जनता से नहीं है।
गौरतलब है कि अयोध्या में 15 जनवरी 2021 से मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2020 को रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया था। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी।
📍अब अयोध्या का श्रीराम मंदिर अपने पूर्ण भव्य रूप में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु तैयार है।








