
मुंगेली// फास्ट ट्रैक कोर्ट मुंगेली ने एक जघन्य अपराध के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 62 वर्षीय मोहन जोशी को अपनी ही गूंगी-बहरी नातिन से दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
मामला थाना फास्टरपुर क्षेत्र का है। घटना 21 फरवरी 2024 को हुई थी, जब पीड़िता घर में अकेली थी। इसी दौरान नाना मोहन जोशी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया।
लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष रखा। अदालत ने पीड़िता के इशारों से दर्ज बयान, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों को प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायाधीश राकेश कुमार सोम ने कहा — “ऐसे अपराध समाज के नैतिक मूल्यों को हिला देते हैं, कानून के सामने कोई रिश्ता अपराध की ढाल नहीं बन सकता।”






