
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली | 13 नवंबर 2025:
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच अब शिक्षा संस्थानों तक पहुँच गई है।
फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब दोहरी कार्रवाई की तलवार लटक रही है —
👉नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता दावे पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है,
और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है।
NAAC ने लगाया “जनता को गुमराह करने” का आरोप
एनएएसी के निदेशक गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारी देकर एनएएसी मान्यता का झूठा दावा किया है।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर यह उल्लेख किया गया था कि उसके तीन कॉलेज —
अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (1997 से, A ग्रेड)

ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (2008 से)
अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (2006 से, A ग्रेड)
— एनएएसी से मान्यता प्राप्त हैं।
लेकिन एनएएसी ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग स्कूल को 2013–2018 तक (CGPA 3.08) और एजुकेशन स्कूल को 2011–2016 तक (CGPA 3.16) ही ‘A’ ग्रेड दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है।
नोटिस में कहा गया है कि यह दावा छात्रों, अभिभावकों और जनता को गुमराह करने वाला है।
एनएएसी ने यूनिवर्सिटी से 7 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है और तब तक वेबसाइट से एनएएसी का उल्लेख हटाने का आदेश दिया है।
नोटिस जारी होते ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन हो गई।
ईडी करेगी फॉरेंसिक ऑडिट, तीन डॉक्टरों के लेन-देन पर नजर
ब्लास्ट केस में आरोपी डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के वित्तीय ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये इकट्ठा किए और 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइज़र खरीदा, जिसका उपयोग IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में किया गया।
ईडी अब यूनिवर्सिटी की फंडिंग, विदेशी लेन-देन और ट्रस्ट अकाउंट्स का फॉरेंसिक ऑडिट करेगी।
यूनिवर्सिटी का जवाब — “हमारा ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं”
बढ़ते विवाद पर अल फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया है।
बयान में कहा गया है कि “हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई संबंध नहीं है। जिस तरह से हमारी यूनिवर्सिटी का नाम जोड़ा जा रहा है, उससे संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।”
यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि “कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमारे खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सत्यता नहीं है।”
ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से किया इनकार
अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने ईडी को दिए अपने प्रारंभिक जवाब में विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, हालांकि उसने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल खुलासे के बाद से यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की गहन पड़ताल जारी है।







