कस्टडी में मौत: छठवें दिन भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, दोबारा पोस्टमॉर्टम व 1 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन

 

✍️ भागीरथी यादव

 

बलरामपुर/सीतापुर। चोरी के आरोप में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के छठवें दिन भी परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। मृतक उमेश सिंह के परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग को लेकर सीतापुर में धरना शुरू कर दिया है।

 

पोस्टमॉर्टम दोबारा कराने की मांग पर सहमति नहीं

 

शुक्रवार को परिजनों ने एसडीएम सीतापुर से मुलाकात कर मौत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मंगाए जाने और दोबारा मेडिकल जांच की अनुमति का आग्रह किया।

अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि—

 

पोस्टमॉर्टम न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल टीम द्वारा कराया गया था,

 

इसलिए कोर्ट से दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं मिल सकी है।

 

 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अब तक परिजनों को उपलब्ध नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के लिए बलरामपुर पुलिस से संपर्क किया गया है।

 

परिजन बोले— मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं

 

परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक:

1️⃣ पोस्टमॉर्टम दोबारा नहीं कराया जाता,

2️⃣ और 1 करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं दिया जाता,

वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

 

पुलिस का दावा— युवक पहले से बीमार और आदतन अपराधी

 

बलरामपुर पुलिस ने मृतक उमेश सिंह को आदतन बदमाश बताया है।

पुलिस के अनुसार—

 

वह कुख्यात नट गिरोह का सदस्य था,

 

सिकल सेल से पीड़ित था,

 

बीमारी के कारण वह 34 बार अस्पताल में भर्ती हो चुका था।

पुलिस का दावा है कि सिकल सेल बीमारी बढ़ने के कारण उसकी हालत बिगड़ने से मौत हुई है।

 

 

परिजनों का आरोप— पुलिस कस्टडी में पिटाई से हुई मौत

 

उमेश सिंह को 6 नवंबर को 50 लाख रुपये की चोरी के आरोप में पकड़ा गया था।

9 नवंबर को उसकी हिरासत में मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया।

सोमवार को परिजन बलरामपुर थाना घेरने पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने खदेड़ दिया था।

 

शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया

 

शव को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्च्युरी में रखा गया है।

 

फ्रीजर मंगवाया गया है,

 

सुरक्षा के लिए सीएएफ जवान तैनात किए गए हैं।

 

 

स्थिति अब भी तनावपूर्ण

 

सरगुजा आईजी से चर्चा के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका है।

परिजनों का धरना जारी है और प्रशासन समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।