
✍️ भागीरथी यादव
छत्तीसगढ़ – सुकमा जिले में रविवार सुबह सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। भेज्जी–चिंतागुफा सीमा के túmalpāṛ जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) की टीम और माओवादियों के बीच लंबी मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन कुख्यात माओवादी मारे गए।
मारे गए माओवादियों में जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है, जिस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा दो महिला माओवादी — पोड़ियम गंगी और सोड़ी गंगी, दोनों पर 5-5 लाख का इनाम — भी मुठभेड़ में ढेर हुईं।
मुठभेड़ स्थल से DRG जवानों ने .303 राइफल, BGL लॉन्चर, गोला-बारूद और अन्य हथियार बरामद किए हैं।
विश्वसनीय सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि कई निर्दोष नागरिकों की हत्या में शामिल माड़वी देवा का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है। विश्वसनीय सूचना मिलने पर DRG टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान सुबह से रुक-रुक कर फायरिंग हुई। जवानों ने जवाबी कार्रवाई में तीनों माओवादियों को ढेर कर दिया।
माओवाद कमजोर, बस्तर में अंतिम चरण—IG सुंदरराज पट्टलिंगम
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि संगठन की पकड़ तेजी से खत्म हो रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“माओवाद बस्तर में अपने अंतिम चरण में है। हिंसा और दहशत की साजिश अब नहीं चलेगी। सरेंडर ही एकमात्र विकल्प है।”
2025 में अब तक 233 माओवादी मारे गए
इस वर्ष बस्तर रेंज में अब तक 233 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें सेंट्रल कमेटी मेंबर, DKSZC सदस्य और PLGA कैडर भी शामिल हैं। यह आंकड़ा माओवाद की कमजोर होती पकड़ और सुरक्षा बलों की बढ़त को दर्शाता है।
ऑपरेशन अभी जारी
मुठभेड़ के बाद DRG, बस्तर फाइटर्स, CRPF व अन्य बलों ने आसपास के पूरे जंगल क्षेत्र में सघन सर्चिंग शुरू कर दी है। संभावना है कि कुछ और माओवादी घायल या छिपे हो सकते हैं।
ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।






