SVU की बड़ी कार्रवाई: उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आज़ाद के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति बरामद, दो महीने में होने वाला था रिटायरमेंट

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✍️ भागीरथी यादव

 

पटना/जहानाबाद/औरंगाबाद

राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शनिवार को उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आज़ाद के चार ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। करीब सात घंटे चली इस कार्रवाई में करोड़ों की कथित बेहिसाब संपत्ति, कई प्लॉट, भारी बैंक निवेश और ज्वेलरी बरामद होने का दावा किया गया है। महज़ दो महीने बाद रिटायर होने वाले इस अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

छापेमारी में मिले हैरान करने वाले सबूत

SVU के मुताबिक तलाशी के दौरान अनिल आज़ाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर अवैध संपत्ति से जुड़ी बड़ी मात्रा में दस्तावेज मिले। इनमें शामिल हैं—

10 प्लॉट (कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़)
28 लाख रुपये की एफडी
1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश
48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस
35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण
3 बैंक लॉकर, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा
जमीन के कागजात, पासबुक, बीमा रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त

SVU की शुरुआती जांच में दावा है कि अधिकारी और उनके परिवार के पास 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली है, जबकि शिकायत में 1.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप था

चार जिलों में एक साथ छापेमारी

टीमें सुबह पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी व किराए के आवास पर पहुंचीं। कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर सभी ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई।

नोट गिनने की मशीन तक मंगाई गई और परिजनों से घंटों पूछताछ चली।

रिटायरमेंट से ठीक पहले बड़ी कार्रवाई

अनिल आज़ाद मूल रूप से जहानाबाद के सुमेरा गांव के निवासी हैं। 1991 में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए और लंबे करियर में कई बार चर्चा में रहे।

पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद में अधीक्षक पद पर तैनात थे।

महज़ दो महीने बाद रिटायर होने से पहले इस कार्रवाई ने विभागीय हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

पत्नी व परिवार के नाम संपत्ति की भरमार

रिपोर्ट के अनुसार—

पटना के शास्त्रीनगर में पत्नी के नाम 6 प्लॉट

जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट

भारी बीमा निवेश व बैंक बैलेंस

सोने-चांदी के जेवरात के कई बिल और रसीदें

यह सभी दस्तावेज आगे की जांच में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

अनिल आज़ाद का बचाव: “स्प्रिट माफियाओं की साजिश”

छापेमारी के बाद अनिल आज़ाद ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया—

उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं

इससे “स्प्रिट माफिया” नाराज़ हो गए

नेताओं और कारोबारी गठजोड़ ने “बदले की कार्रवाई” करवाई है

उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और सच सामने आएगा।

भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज

SVU ने अनिल आज़ाद पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत मामला दर्ज किया है।

FIR में आरोप है कि वर्ष 2000 से अब तक उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

SVU की इस कार्रवाई ने राज्य के उत्पाद विभाग से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में बड़ी हलचल मचा दी है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।