
✍️ भागीरथी यादव
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में जारी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों और छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग के पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए नया सख़्त आदेश जारी कर दिया है।
नए निर्देशों के तहत अब राज्य के सभी स्कूलों के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को ‘नोडल अधिकारी’ बनाया गया है। नोडल अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारियाँ होंगी—
स्कूल परिसर या उसके आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को देना।
स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए उपयुक्त अवरोधक व्यवस्था सुनिश्चित करना।
यदि किसी बच्चे को आवारा कुत्ता काट ले तो तुरंत उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे राज्य में तेज़ी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी और स्कूल प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया है कि वे इन आदेशों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
यह पहल न सिर्फ स्कूल परिसरों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि बच्चों और अभिभावकों के मन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी।








