
✍️ भागीरथी यादव
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ उस समय आया, जब जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज के देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आज देवेन्द्र नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
बघेल लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर थे, जिसके चलते उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था और ₹5,000 का इनाम भी घोषित किया गया था। विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों समाजों में भारी आक्रोश फैल गया था और उनके खिलाफ लगातार विरोध दर्ज किए जा रहे थे।
पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और वैमनस्य फैलाने के आरोपों में कई FIR दर्ज की थीं। महीनों की फरारी के बाद आज बघेल अपने वकील के साथ थाने पहुंचे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
सरेंडर के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब बघेल को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड या न्यायिक हिरासत पर फैसला होगा।
यह घटनाक्रम बताता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए विवादित बयानों के गंभीर कानूनी परिणामों से कोई भी नहीं बच सकता।






