
✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर। जनदर्शन में मिली शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के सेमडेगा में बंधक बनाए गए बिलासपुर जिले के 16 श्रमिकों—जिनमें महिलाएँ, पुरुष और दो बच्चे शामिल थे—को सकुशल मुक्त करा लिया।
मस्तूरी के सरगवाँ गांव के निवासी अमित कुमार मधुकर ने 9 दिसंबर को जनदर्शन में कलेक्टर संजय अग्रवाल को बताया था कि सभी श्रमिक एक ईंट भट्ठे पर अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं और उनके साथ मारपीट, प्रताड़ना व जबरन श्रम कराया जा रहा है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल श्रम विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग ने लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को नोटिस जारी किया और श्रम न्यायालय में कार्रवाही की तैयारी शुरू कर दी।
बिलासपुर और सेमडेगा जिला प्रशासन के समन्वय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीमों ने मौके पर पहुंचकर सभी 16 श्रमिकों को सुरक्षित मुक्त कराया और उनकी वापसी की व्यवस्था की।
10 दिसंबर की सुबह सभी मजदूर सकुशल अपने गांव लौट आए। परिजनों में खुशी का माहौल है। श्रमिकों ने प्रशासन व कलेक्टर संजय अग्रवाल के प्रति आभार जताया।
प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने और लेबर ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी की घोषणा की है।
यह मामला जनदर्शन की प्रभावशीलता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के महत्व को एक बार फिर साबित करता है।








